जब हम न होंगे,
मायूस तो तुम अवश्य होंगी
हमें खोकर ।
जीवन मे पग-पग,
बिंदास हमें लगने वाली ऐ,
हर एक ठोकर ।।
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
तू खुद ही से इकबार रूबरू तो हो जा, फिर जो कहना है, उसे आलेख लेना, अरे वो, कश्ती के मुसाफिर, उतरने से पहले, एकबार समन्दर तो जाकर देख लेना।
वाह, ठोकरों से सटीक वार्तालाप। ।।।
ReplyDeleteलजवाब।
ReplyDelete