जब हम न होंगे,
मायूस तो तुम अवश्य होंगी
हमें खोकर ।
जीवन मे पग-पग,
बिंदास हमें लगने वाली ऐ,
हर एक ठोकर ।।
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
मुझे चाहिए इक ऐसा दूल्हा, घर मे फूक सके जो चूल्हा, करे जो मन, कभी झूलन को झूला, दर्द करे ना कोई उसका पिंडली, एंडी और कूल्हा, मुझे चाहिए इक...
वाह, ठोकरों से सटीक वार्तालाप। ।।।
ReplyDeleteलजवाब।
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