दुर्भाग्य! !
जरूरी है, रूबरू कराओ इन्हें इनकी बेतुकी मांग से,
पोषण की कमी नजर आने लगी है, विपक्षी टांग से,
सत्ता पाने के लिए इतना चिल्लाते हैं ये हरामखोर कि
मुर्गे भी बहरे होने लगे हैं 'परचेत', अपनी ही बांग से।
जरूरी है, रूबरू कराओ इन्हें इनकी बेतुकी मांग से,
पोषण की कमी नजर आने लगी है, विपक्षी टांग से,
सत्ता पाने के लिए इतना चिल्लाते हैं ये हरामखोर कि
मुर्गे भी बहरे होने लगे हैं 'परचेत', अपनी ही बांग से।
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