Tuesday, January 10, 2012

हद-ए-गुजर !

16 comments:

  1. वाह वाह गोदियाल जी !
    बहुत बढ़िया शे'र कहा है ।

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  2. बहुत ही सटीक भाव..बहुत सुन्दर प्रस्तुति
    शुक्रिया ..इतना उम्दा लिखने के लिए !!

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  3. गज़ब के शे'र ……………सभी एक से बढकर एक्

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  4. खुदी को कर बुलंद इतना.......:)

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  5. Vaah .. Juda sa andaaz hai ....
    Par lajawab hai ..

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  6. वाह बहुत बढ़िया!
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल बुधवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

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  7. आह से वाह तक की सैर कराती प्रस्तुति....
    शानदार....!
    राम राम जी,
    कुँवर जी,

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  8. बहुत बढ़िया प्रस्तुति| धन्यवाद|

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  9. ला ... ज ... वा .... ब ...

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हौंसला बनाए रख, ऐ जिंदगी,  'कोरोना' की अवश्य हार होगी, सूखे दरिया, फिर बुलंदियां चूमेंगे  और तू, फिर से गुलजार होगी। कौन ज...