तवाही का मंजर-ए-खौफ़, ऐ मानव, तू अपने दिल मे पाले रखना, क्षंणभंगूर सी है यह जिंदगी, कुदरत की ये तस्वीरे संभाले रखना। वाह बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति Free me Download krein: Mahadev Photo | महादेव फोटो
ऐसा कुछ भी ख़ास है नहीं बताने को, अपने बारे में ! बस, यों समझ लीजिये कि गुमनामी के अंधेरो में ही आधी से अधिक उम्र गुजार दी !हाँ, अपनी बात कुछ भगत सिंह जी के अंदाज में इस तरह कहूंगा ;
इन बिगड़े दिमागों में, ख्वाबों के कुछ लच्छे हैं,
हमें पागल ही रहने दो, हम पागल ही अच्छे हैं।
साभार,
गोदियाल
My humble request is to kindly ignore the typographical errors.
My fondest wish is to inspire someone else to write something even better than I have done.
Look forward to receiving your creative suggestions.
regards,
Godiyal
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
2 Comments:
वर्तमान को इंगित करती मार्मिक प्रस्तुति।
तवाही का मंजर-ए-खौफ़, ऐ मानव,
तू अपने दिल मे पाले रखना,
क्षंणभंगूर सी है यह जिंदगी,
कुदरत की ये तस्वीरे संभाले रखना।
वाह बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति
Free me Download krein: Mahadev Photo | महादेव फोटो
Post a Comment
Subscribe to Post Comments [Atom]
<< Home