तवाही का मंजर-ए-खौफ़, ऐ मानव,
तू अपने दिल मे पाले रखना,
क्षंणभंगूर सी है यह जिंदगी,
कुदरत की ये तस्वीरे संभाले रखना।
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
कुशल नेतृत्व और दृढ़ संकल्प के लिए ५६ इंच की छाती ढूंढते हैं, और रोज़मर्रा के संचालन के लिए अनुसूचित जाति, जनजाति ढूंढते हैं
वर्तमान को इंगित करती मार्मिक प्रस्तुति।
ReplyDeleteतवाही का मंजर-ए-खौफ़, ऐ मानव,
ReplyDeleteतू अपने दिल मे पाले रखना,
क्षंणभंगूर सी है यह जिंदगी,
कुदरत की ये तस्वीरे संभाले रखना।
वाह बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति
Free me Download krein: Mahadev Photo | महादेव फोटो