...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
महात्मा है ना | दिख ना रिया का? हा हा | बढ़िया |
🙏🙏
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बहुत सुंदर
अगाध होते हैं रिश्ते दिलों के, इक ज़माना था जो हम गाते, तय पथ था और सफ़र अटल, उम्मीदों पे कब तक ठहर पाते। जागी है जब कुछ ऐसी तमन्ना कि इक नय...
महात्मा है ना | दिख ना रिया का? हा हा | बढ़िया |
ReplyDelete🙏🙏
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ReplyDeleteबहुत सुंदर
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