यूं भी बावफा होते है लोग !
ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की ये जज्बा , इल्म न था कि वफ़ा की कस्मे खाने वाले, इस कदर बेवफा होते है लोग ! दिल और आँख का ऐसा आपसी देखा जो समन्वय 'परचेत', नजर देखे, दिल शकूं पाए, मनीषी ऐसे ही नफ़ा होते है लोग !


सन्नाट..
ReplyDeleteVery soon the time will show them, their real place. Let them live in their pseudo paradise.
ReplyDeleteGreat Nice one
ReplyDeletehttp://rohitasghorela.blogspot.com/2012/10/blog-post_17.html
बढ़िया कटाक्ष :):)
ReplyDeleteThis comment has been removed by a blog administrator.
ReplyDeleteये लो , हमने भी यही कहा आम नहीं , ख़ास !होना है
ReplyDelete@प्रेम-सरोवर जी ,
ReplyDeleteआपसे इस बात के लिए माफी चाहूँगा कि मैं जब स्पैम में पड़े कुछ कॉमेंट उठा रहा था तो गलती से आपका कोमेंट मुझसे डिलीट हो गया !
बेबुनियाद की भी कभी-न-कभी बुनियाद अवश्य पड़ी होगी......बेहतर कटाक्ष....
ReplyDeleteआम आदमी ऐसे ही चूसा जायेगा.
ReplyDelete:)
ReplyDelete