यूं भी बावफा होते है लोग !
ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की ये जज्बा , इल्म न था कि वफ़ा की कस्मे खाने वाले, इस कदर बेवफा होते है लोग ! दिल और आँख का ऐसा आपसी देखा जो समन्वय 'परचेत', नजर देखे, दिल शकूं पाए, मनीषी ऐसे ही नफ़ा होते है लोग !

good one
ReplyDeleteमहासंतुलन योग..
ReplyDeleteye cartoon bahut kuch bol rha h...
ReplyDeleteachcha yoga hain. :))
पूर्ती का इक अर्थ है, गुणन गुणा का काम ।
ReplyDeleteफुर्ती से कर पूर्ती, दे मंत्री पैगाम।
दे मंत्री पैगाम, रास्ता बड़ा बना लो ।
छोटा सा इक पाथ, हमारे घर में ढालो ।
पतली चलनी आज, मोटा सूप बिसूरती ।
बाड्रा ना सलमान, हुआ बदनाम पूर्ती ।।
इन लोगों का राज अब पता चला.
ReplyDeleteकहां कहां से देखने के दिन आ गए, हे राम
ReplyDeleteghanghor arth shaashtree
ReplyDeleteसंतुलन अतुलनीय ।
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