...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
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आरज़ू
जो किसी के भी दिल में नहीं बसता हो, उसे तू अपने दिल में ऐसे न बसाया कर, इतनी सी आरज़ू है तुझसे मेरी 'परचेत', अपना ग़म लेके इधर-उधर...
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नोट: फिलहाल टिप्पणी सुविधा मौजूद है! मुझे किसी धर्म विशेष पर उंगली उठाने का शौक तो नहीं था, मगर क्या करे, इन्होने उकसा दिया और मजबूर कर द...
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ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की य...
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तमाम जंगल के बीहड़ों में जो कुछ घटित हो रहा हो, उससे क्या उस जंगल का राजा अंविज्ञ रह सकता है? या फिर यूं कहा जाए कि यदि उसे उसके राज्य मे...
हा हा मस्त है कार्टून ... मज़ा आ गया ...
ReplyDeleteकोई हो भी तो ऐसा दमदार !
ReplyDeleteलाजवाब , सर धन्यवाद !
ReplyDeleteInformation and solutions in Hindi ( हिंदी में समस्त प्रकार की जानकारियाँ )