Thursday, December 31, 2020

ऐ गुजरने वाले साल...।












ऐ गुजरने वाले साल, तेरे रहते मैंने,

'गुड' की जगह, 'बैड' फ्राइडे देखा,

बारहमास, कोई पर्व मनाया न गया,

किसी भी शहर न कोई 'हाईडे' देखा,

किसकदर भारी हो सकता है बुरा वक्त,

एक-दो नही,पूरे पैंतालीस 'ड्राइडे' देखा।😀



सभी स्नेही मित्रों को नूतनबर्ष 2021 की मंगलमय कामनाएं।🙏

3 comments:

सवाल!

हूं मैं तुम्हारा यार ऐसा , कविता का सार जैसा, प्रेम से गर प्यार ना निभे, फिर प्यार का इजहार कैसा?