Thursday, August 14, 2025

ज़श्न-ए-आजादी!


 

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आरज़ू

मंजूर तेरी हर ख्वाहिश, भले ही तू मेरे पास मत रहना, बस, इतनी सी आरज़ू है , अकेले तू उदास मत रहना।