Saturday, February 2, 2013

ख्वाइश !










आ जाए बस कोई इक यार बनके,
रहन - कश्ती का खेवनहार बनके, 
बस मेरा किरदार बनके इक अनूठा, चलेगा।

फहर फर-फर सावन फुहार छनके ,   
प्रीत में झनक झन रूह-तार झनके, 
प्रेम सच्चा करे हमसे या झूठा-मूठा, चलेगा। 

खनन खन-खन सागर द्वार खनके,   
साहिलों से टकराके पतवार खनके,
दिल भले साबूत मिले या टूटा-फूटा, चलेगा। 

सुघड सज-धज बन बार-बार ठनके, 
ठुमकठम-ठुमकियाँ  देह-धार ठनके,  
खुश रहे पल-पल सदा या रूठा-रूठा, चलेगा।  

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11 Comments:

Blogger vandana gupta said...

सुन्दर प्रस्तुति

Saturday, 02 February, 2013  
Blogger भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

चलेगा नहीं दौड़ेगा.

Saturday, 02 February, 2013  
Blogger शिवनाथ कुमार said...

बहुत खूब, सुन्दर ...

Saturday, 02 February, 2013  
Blogger Kajal Kumar's Cartoons काजल कुमार के कार्टून said...

वाह ख़्वाहिश तो बढ़िया है

Saturday, 02 February, 2013  
Blogger प्रवीण पाण्डेय said...

अनूठी दुनिया में सब ठूँठ से अचम्भित खड़े हैं।

Saturday, 02 February, 2013  
Blogger डॉ टी एस दराल said...

फोटो में पीछे दिखने वाला यार बहुत खतरनाक है। :)

Saturday, 02 February, 2013  
Blogger धीरेन्द्र सिंह भदौरिया said...

खनन खन-खन सागर द्वार खनके,
साहिलों से टकराके पतवार खनके,
दिल भले साबूत मिले या टूटा-फूटा,चलेगा।,,,,

बेहतरीन प्रस्तुति,,,,अजी,,बिलकुल चलेगा,,,

RECENT POST शहीदों की याद में,

Saturday, 02 February, 2013  
Blogger Sunil Kumar said...

बेहतरीन प्रस्तुति......

Saturday, 02 February, 2013  
Blogger दिगम्बर नासवा said...

फहर फर-फर सावन फुहार झनके,
प्रीत में झनक झन रूह-तार झनके,
प्रेम सच्चा करे हमसे या झूठा-मूठा, चलेगा ..

बिलकुल चलेगा ... बस एहसास तो हो ...

Sunday, 03 February, 2013  
Blogger मेरा मन पंछी सा said...

nice :-)

Sunday, 03 February, 2013  
Blogger ताऊ रामपुरिया said...

वाह लाजवाब ख्वाहिश. पर ताऊ इतना शरीफ़ सा क्य़ूं बैठा है?

रामराम.

Sunday, 03 February, 2013  

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