...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
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वाहियात
आज उन्होंने जैसे मुझे, पानी पी-पीकर के कोसा, इंसानियत से 'परचेत', अब उठ गया है भरोसा।
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नोट: फिलहाल टिप्पणी सुविधा मौजूद है! मुझे किसी धर्म विशेष पर उंगली उठाने का शौक तो नहीं था, मगर क्या करे, इन्होने उकसा दिया और मजबूर कर द...
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ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की य...
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देशवासियों तुम हमें सत्ता देंगे तो हम तुम्हें गुजारा भत्ता देंगे। सारे भूखे-नंगों की जमात को, बिजली-पानी, कपड़ा-लत्ता देंगे। ...
आखा इशारा समझ आ गया गौदियाल जी ... मेरा बी मानना है जरूर हैं ...
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ReplyDeleteदेर से समझा कमजोर है समझदानी :)
ReplyDeleteआपकी पोस्ट की खबर हमने ली है 'ब्लॉग बुलेटिन' पर - पधारें - और डालें एक नज़र - सूरा सो पहचानिए ... जो लड़े दीन के हित ... - ब्लॉग बुलेटिन
ReplyDelete@ Sunil Kumar;
ReplyDeleteहा-हा-हा-हा-हा.......हा.. सर, देर आयद दुरस्त आयद !
zabardast
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