Thursday, November 24, 2011

जय हिंद - भगत सिंह !


कौन कहता है कि हमारे देश में बहादुर नहीं रहे ?





6 comments:

शुन्य

उसका स्वरूप  हरदम सराहता हूं, जिस रोशनी को  दिल से चाहता हूं, आश लगाए रहता हूं  कि रोशनी कभी तो  मेरे घर आएगी,  अतिशय प्रेममय होकर आलिंगनबद्...