...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
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बोझिल मन !
अगाध होते हैं रिश्ते दिलों के, इक ज़माना था जो हम गाते, तय पथ था और सफ़र अटल, उम्मीदों पे कब तक ठहर पाते। जागी है जब कुछ ऐसी तमन्ना कि इक नय...
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नोट: फिलहाल टिप्पणी सुविधा मौजूद है! मुझे किसी धर्म विशेष पर उंगली उठाने का शौक तो नहीं था, मगर क्या करे, इन्होने उकसा दिया और मजबूर कर द...
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ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की य...
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तमाम जंगल के बीहड़ों में जो कुछ घटित हो रहा हो, उससे क्या उस जंगल का राजा अंविज्ञ रह सकता है? या फिर यूं कहा जाए कि यदि उसे उसके राज्य मे...

bhagna bhi ek kala hai....bhago-bhago aur bhagao..
ReplyDeletebahut khoob!
बहुत बढ़िया |
ReplyDeleteब्लाक लाक क्लाक
सब पर भागना ही लिखा है मौनी बाबा को ||
हा हा .. शुक्र है भाग रहे हैं ... थप्पड़ नहीं मार रहे ... अब तो क्या क्या हो रहा है ..
ReplyDeleteमजेदार कार्टून ...
वाह गोदियाल जी..कहते है एक चित्र हजार लाइन व्यक्त करता है..बहुत सुन्दर व्यंग्य दर्शाया है...सच में आजकल कोल ब्लाक कुछ ज्यादा ही मशहूर हो गया है..या बदनाम कहे तो ज्यादा ठीक है..
ReplyDeleteबढ़िया प्रस्तुति के लिए साधुवाद..नमस्कार