Monday, February 19, 2024

ठिठुरन

 


1 comment:

  1. एक उम्र है जो पूरी होने को है.
    भावपूर्ण.

    ReplyDelete

कुपत

तुम्हें पाने की चाह में मुद्दतों बैठे रहे हम, तुम्हारे बाप के पास, घंटों पैर दबाए मगर क्या मजाल कि  बुड्ढे को हुआ हो जरा भी एहसास।