Saturday, April 18, 2026

यकीं

रात गहरी है मगर यकीं रख, मैं सोऊंगा नहीं।

तू, जितना मर्जी मुझे रुलाने की कोशिश कर,

मगर, मैं  तनिक भी रोऊंगा नहीं,

बेदना बहुत है इस दिल में मगर,

तेरे बहकावे में आकर, आपा मैं अपना खोऊंगा नहीं।


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यकीं

रात गहरी है मगर यकीं रख, मैं सोऊंगा नहीं। तू, जितना मर्जी मुझे रुलाने की कोशिश कर, मगर, मैं  तनिक भी रोऊंगा नहीं, बेदना बहुत है इस दिल में म...