भले ही वो हैंगओवर मेरे लिए कुछ ही पल का था,
नशा मेरे प्यार का मगर, तीखा नहीं हल्का था,
क्या बताऊं किस कदर उस नशे मे मैं खो गया,
नशा जो पलभर के वास्ते तेरी आंखों से छलका था।
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
बिन पिए और बिना कुछ कहे, आज वो चुपचाप सो गया है, लगता है जिंदगी का खज़ाना 'परचेत', अब खत्म हो गया है।
सुंदर
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