Tuesday, April 14, 2026

कबाब में हड्डी

अबे, पहले तो ये बता तू है कौन?

 तुम जैसों के मुंह लगना मेरा चस्का नहीं,

मेरी तो बीवी से भी बिगड़ी पड़ी है,

चल हट, मुझे सम्हालना तेरे बस का नहीं।


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कुपत

तुम्हें पाने की चाह में मुद्दतों बैठे रहे हम, तुम्हारे बाप के पास, घंटों पैर दबाए मगर क्या मजाल कि  बुड्ढे को हुआ हो जरा भी एहसास।