Monday, April 13, 2026

बंदिशें ।


मायके ठहरने का वक्त बिटिया जानती है, ज्यादा न रुक पाएगी,

हेमंत ऋतु भी आई, कल शिशिर भी वसंत संग चली जाएगी।

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तसल्ली

खुदगर्जी के वास्ते न कभी  किसी को बदनाम किया तूने, किसी की भी उपलब्धियों को  न कभी अपने नाम किया तूने, क्योंकि तू इक  हद की हद तक परचेत था ...