खुदगर्जी के वास्ते न कभी
किसी को बदनाम किया तूने,
किसी की भी उपलब्धियों को
न कभी अपने नाम किया तूने,
क्योंकि तू इक हद की हद तक
परचेत था 'परचेत',
इसलिए जिंदगीभर,
अपनी शर्तो पर काम किया तूने।
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
खुदगर्जी के वास्ते न कभी किसी को बदनाम किया तूने, किसी की भी उपलब्धियों को न कभी अपने नाम किया तूने, क्योंकि तू इक हद की हद तक परचेत था ...
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