जिंदगीभर पकते रहे यह सुनते-सुनते
कि नेगेटिव नहीं हमेशा पौजेटिव सोचो,
काश कि जमाने को अस्पताल का
यह दस्तूर भी पता होता कि
नेगेटिव आए तो सही,
पौजेटिव मतलब जेब पर डाका।
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
उसका स्वरूप हरदम सराहता हूं, जिस रोशनी को दिल से चाहता हूं, आश लगाए रहता हूं कि रोशनी कभी तो मेरे घर आएगी, अतिशय प्रेममय होकर आलिंगनबद्...
सही है, कोरोना काल में तो पॉज़िटिव से सब डर जाते थे
ReplyDeleteनेगेटिविटी में positivity 😇
ReplyDeleteहा हा
ReplyDelete🙏🙏
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