Sunday, May 17, 2026

दस्तूर

जिंदगीभर पकते रहे यह सुनते-सुनते

कि नेगेटिव नहीं हमेशा पौजेटिव सोचो,

काश कि जमाने को अस्पताल का 

यह दस्तूर भी पता होता कि 

नेगेटिव आए तो सही, 

पौजेटिव मतलब जेब पर डाका।

4 comments:

परामर्श !

  हो वर्चस्व की यदि अंंतहीन जंग, उसे मरते दम तक कभी न हारो, भद्र-प्रतिद्वंद्वी, बर्ताव हो निश्छल, हो शत्रु कपटी, उसे होश से मारो। मरुधर जो उ...