जिंदगी मे जो रात आखिरी होगी,
समझ लेना कि वो बात आखिरी होगी,
झख मारते रहे तेरे वास्ते,
जिंदगी भर 'परचेत',
अब ये सावन की बरसात आखिरी होगी।
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
उसका स्वरूप हरदम सराहता हूं, जिस रोशनी को दिल से चाहता हूं, आश लगाए रहता हूं कि रोशनी कभी तो मेरे घर आएगी, अतिशय प्रेममय होकर आलिंगनबद्...
वाह
ReplyDelete🙏🙏
ReplyDelete