बहुत ही उम्दा रचना , बधाई स्वीकार करें . आइये हमारे साथ उत्तरप्रदेश ब्लॉगर्स असोसिएसन पर और अपनी आवाज़ को बुलंद करें .कृपया फालोवर बनकर उत्साह वर्धन कीजिये
ऐसा कुछ भी ख़ास है नहीं बताने को, अपने बारे में ! बस, यों समझ लीजिये कि गुमनामी के अंधेरो में ही आधी से अधिक उम्र गुजार दी !हाँ, अपनी बात कुछ भगत सिंह जी के अंदाज में इस तरह कहूंगा ;
इन बिगड़े दिमागों में, ख्वाबों के कुछ लच्छे हैं,
हमें पागल ही रहने दो, हम पागल ही अच्छे हैं।
साभार,
गोदियाल
My humble request is to kindly ignore the typographical errors.
My fondest wish is to inspire someone else to write something even better than I have done.
Look forward to receiving your creative suggestions.
regards,
Godiyal
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18 Comments:
nice
ताऊ बिल्कुल सही कह रहा है.:)
रामराम.
बहुत बढ़िया सर जी :)
झूठ तो नहीं है !जय हो
अरे कलमाडी जी रुपये तो कोई भी नही खा सकता,लेकिन घाटोले से डकार तो सकता हे ना
बहुत ही उम्दा रचना , बधाई स्वीकार करें .
आइये हमारे साथ उत्तरप्रदेश ब्लॉगर्स असोसिएसन पर और अपनी आवाज़ को बुलंद करें .कृपया फालोवर बनकर उत्साह वर्धन कीजिये
मंहगाई और भ्रष्टाचार कोई कबूलने वाली बातें नहीं हैं.कलमाडी जी गलत कहाँ हैं?
सफल कार्टूनिस्ट बनने पर बधाई!
असरदार है
अब तो हिम्मत और बढ़ गई है ... चोरी और सीनाजोरी की... जेपीसी कराने की मांग है जी :)
ये तो कलमाडी सही बोल रहा है ।
ये तो सही बात है..
सही कहा.. उसने कहाँ रुपया खाया है....
आदरणीय गोदियाल जी.
नमस्कार
पहले तो सफल कार्टूनिस्ट बनने पर बधाई!
बहुत ही उम्दा रचना
बेचारा सही तो कह रहा है...
बहुत बढ़िया ...
सही बात है, रुपया कहाँ खाया?
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