...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
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चराग तले...
नाम सूरत और शहर की ऐसी सूरत, आ जाते हैं, मुंह उठाके ज़रूरत बे-ज़रूरत, मशहूर हो जाने की ख़्वाहिश है मगर, चराग ढूंढे है फिर भी 'परचेत...
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ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की य...
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तमाम जंगल के बीहड़ों में जो कुछ घटित हो रहा हो, उससे क्या उस जंगल का राजा अंविज्ञ रह सकता है? या फिर यूं कहा जाए कि यदि उसे उसके राज्य मे...
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नोट: फिलहाल टिप्पणी सुविधा मौजूद है! मुझे किसी धर्म विशेष पर उंगली उठाने का शौक तो नहीं था, मगर क्या करे, इन्होने उकसा दिया और मजबूर कर द...

naya agrigeter hai...patabtaiega kya..
ReplyDeleteउत्तम संदेशप्रद कार्टून के लिए धन्यवाद..
ReplyDeleteशुक्रिया अरुण जी, वैसे पहले सूझा नहीं, नहीं तो हेडिग यही बेहद सटीक होती 'नया अग्रीगेटर '
ReplyDeleteहा हा हा.... आप तो कार्टूनिस्ट भी हैं!!! वाह क्या बात है!!!
ReplyDeleteवाह क्या बात क्या बात क्या बात क्या बात क्या बात
ReplyDeleteबहुत सही सर!
ReplyDeleteसादर
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वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद जोशी जी के ब्लॉग पर आज मेरा लेख
अच्छा अग्रीगेटर है ……………सि्र्फ़ एक ब्लोग के लिये।
ReplyDeleteबस ऐसे ही हैं ये लोग -कोई वजन नहीं ...
ReplyDeletesaamyik aur satik cartoon !
ReplyDeleteshukriya !
यह पोस्ट आडवाणी पर "मेरी पसंद" में टाप पर चल रही है.
ReplyDeleteरामराम.
आप कार्टूनिस्ट के रूप में ही अपनी पहचान बनाइए!
ReplyDeleteबहुत धारदार है आपका कार्टून!
बहुत बढिया।
ReplyDelete---------
ब्लॉगवाणी: ब्लॉग समीक्षा का एक विनम्र प्रयास।
औड-वाणी तो नहीं...
ReplyDeleteमस्त है।
ReplyDeleteजो अड़ जाए उसकी वाणी क्या :)
ReplyDeleteबहुत सुंदर जी, मजे दार.
ReplyDeletebahut khoob!
ReplyDeleteवाह, वाह!
ReplyDeleteवाह वाह .... आड ... वाणी पर ...
ReplyDeleteराजनैतिक ब्लॉग जायेंगे उनपर भी।
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