यूं भी बावफा होते है लोग !
ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की ये जज्बा , इल्म न था कि वफ़ा की कस्मे खाने वाले, इस कदर बेवफा होते है लोग ! दिल और आँख का ऐसा आपसी देखा जो समन्वय 'परचेत', नजर देखे, दिल शकूं पाए, मनीषी ऐसे ही नफ़ा होते है लोग !

कुछ ही नहीं, बहुत कुछ बोलता है।
ReplyDeleteवैसे इसे मैं रात में ही देख चुका था :)
कार्टून के माध्यम से बहुत अच्छा व्यंग्य.
ReplyDeleteएन.डी.टी.साहेब तो मुख्यमंत्री रहते चप्पलें उठा चुके हैं फिर यह तो मुख्यमंत्री की ही चप्पलें पुंछी हैं
ReplyDeleteबड़ी विचित्र बीमारी है।
ReplyDeleteगोदियाल जी , बिल्कुल सही जा रहें हैं DSP साहब .............. जाने दिजीये न, कौन नहीं चाहता कि तरक्की करे.
ReplyDeletekartoon bahut kuchh bolta hai...
ReplyDeleteकांटादरडम चमकाते रहने से भाग्योदय हो जाता है. फ़िर किसी बहन जी की हो तो संदेह ही नही रह जाता.:)
ReplyDeleteठीक किया... कोई न कोई तो करता ही..
ReplyDeleteयह पुलिस जनता के लिये बनी हे या गुंडे बदमाशो की चम्चा गिरी करने के लिये? इन्हे लानत हे जी
ReplyDeleteबहुत सफाई से आपने सबकुछ इस कार्टून में कह दिया है!
ReplyDeleteबहुत कुछ बोलता है।
ReplyDeleteअच्छा व्यंग्य.. ....
ReplyDeleteअच्छा कटाक्ष...
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