Thursday, January 1, 2026

आगाज़ - 2026 !


वर्ण आखिरी, वैश्य, क्षत्रिय, विप्र सभी,

सनातनी नववर्ष का जश्न मनाया कभी ?

नहीं, स्व-नवबर्ष के प्रति जब व्यवहार ऐसा,

फिर  पश्चिमी  नवबर्ष  पर तकरार कैसा?


समझ पाओ तो समझ लेना क्षुब्ध भावनाएं,

आपको  नूतनवर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। 🎂 🙏


1 comment:

कुपत

तुम्हें पाने की चाह में मुद्दतों बैठे रहे हम, तुम्हारे बाप के पास, घंटों पैर दबाए मगर क्या मजाल कि  बुड्ढे को हुआ हो जरा भी एहसास।