Tuesday, January 27, 2026

टीस

साफ-गोई की सजा यह मिली हमको 

कि हम झूठे बन गये,

यही वजह थी कि जहां के आगे ऐ जिंदगी, 

हम अनूठे बन गये।

1 comment:

चटोरों की....

मैंने ख्वाब देखा था, ख्वाहिश अधूरी रही, चाटने वाले चाट गए, प्लेट साफ पूरी रही।