Friday, January 16, 2026

समझ !

देहिक अपच हो तो खुशी 

एक कब्ज़हर चूर्ण जैसा होता है,

यूं तो समय प्रतूर्ण है मगर,

 हर पल महत्वपूर्ण जैसा होता है।



1 comment:

सलाह!

मत दिया कर दोष तू हमको  दरारों में झांकने का , ऐ दोस्त! तेरी नादानियों का खामियाजा, भला ये, तमाम जमाना क्यों भुगते?