हौसलों के दमपर अभी तक,
जी है जिंदगी हमने,
डटकर किया है मुकाबला,
राह की दुश्वारियों का,
हर शै से निकले हैं हम,
उबरकर भी, उभरकर भी,
जरा भी न कभी बेबस हुए,
बोझ ढोते लाचारियों का।
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
हौसलों के दमपर अभी तक, जी है जिंदगी हमने, डटकर किया है मुकाबला, राह की दुश्वारियों का, हर शै से निकले हैं हम, उबरकर भी, उभरकर भी, जरा भी ...
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