हूं मैं तुम्हारा यार ऐसा ,
कविता का सार जैसा,
प्रेम से गर प्यार ना निभे,
फिर प्यार का इजहार कैसा?
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
हूं मैं तुम्हारा यार ऐसा , कविता का सार जैसा, प्रेम से गर प्यार ना निभे, फिर प्यार का इजहार कैसा?
No comments:
Post a Comment