Wednesday, January 28, 2026

यकीनन

तुम जानते हो कि मेरे होते, 

सलामत है लाज तुम्हारी,

इसीलिए आज तक मैं,

तुम्हारे राज तक नहीं गया ।

मांगने की आदत जिंदगी में 

मुझसे कभी पाली न गई,

मोहब्बत में इसीलिए मैं भरोंसे के 

अल्फ़ाज़ तक नहीं गया ।

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दस्तूर

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