तुम जानते हो कि मेरे होते,
सलामत है लाज तुम्हारी,
इसीलिए आज तक मैं,
तुम्हारे राज तक नहीं गया ।
मांगने की आदत जिंदगी में
मुझसे कभी पाली न गई,
मोहब्बत में इसीलिए मैं भरोंसे के
अल्फ़ाज़ तक नहीं गया ।
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
तुम जानते हो कि मेरे होते, सलामत है लाज तुम्हारी, इसीलिए आज तक मैं, तुम्हारे राज तक नहीं गया । मांगने की आदत जिंदगी में मुझसे कभी पाली न ग...
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