Wednesday, January 28, 2026

सवाल

वो लम्हा तुम जरा बताओ,

जब मैं तुम्हारे संग नहीं था,

कौन सा था वो लम्हा-लम्हा

जिसमें, प्यार का रंग नहीं था?


2 comments:

  1. प्यार का रंग होने न होने से बदलता नहीं है

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इल्तज़ा

  मोहब्बत मे, आंखों मे भर आए आंसुओं को गिरने न देना 'परचेत', क्योंकि प्यार के आंसू ही रूह की खुराक होते हैं।