...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
दिन-रात हो कि सुबह-शाम बस,
यही अफसोस कचोटता है हाए,
ऐ जिंदगी तुझे हम तमाम उम्र,
बड़े सलीके से नहीं रख पाए।
कोशिश जारी रखिए सलीका आ जाएगा :)
मार्च तक का ब्रेक ले रहा हूं, मतलबी दोस्तों 🙏
कोशिश जारी रखिए सलीका आ जाएगा :)
ReplyDelete