साफ-गोई की सजा यह मिली हमको
कि हम झूठे बन गये,
यही वजह थी कि जहां के आगे ऐ जिंदगी,
हम अनूठे बन गये।
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
रात गहरी बहुत है मगर, यकीं रखो, हम सोएंगे नहीं। तूम रुलाने की जितनी भी कोशिश कर लो, रोएंगे नहीं, बेदना के पार्क मे सन्नाटे संग खामोशी भ...
सुंदर
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