यूं भी बावफा होते है लोग !
ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की ये जज्बा , इल्म न था कि वफ़ा की कस्मे खाने वाले, इस कदर बेवफा होते है लोग ! दिल और आँख का ऐसा आपसी देखा जो समन्वय 'परचेत', नजर देखे, दिल शकूं पाए, मनीषी ऐसे ही नफ़ा होते है लोग !
कार्टून के माध्यम से क्या खूब कही आपने !
ReplyDeleteबहुत बढ़िया !
मेरे ब्लॉग पर आये और फॉलो करके अपने सुझाव दे !
बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
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आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल शनिवार (27-09-2014) को "अहसास--शब्दों की लडी में" (चर्चा मंच 1749) पर भी होगी।
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चर्चा मंच के सभी पाठकों को
शारदेय नवरात्रों की
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
Kya khoob sandesh deta cartoon ...Bahut sunder prastuti....!!
ReplyDeleteKya khoob sandesh deta cartoon ...Bahut sunder prastuti....!!
ReplyDeleteबहुत कुछ कह दिया इस कार्टून के माध्यम से ...
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