अभी जाना तो नहीं चाहते थे वे इस दौर से, राहत न मिली तो जाना पडा इंदौर से।
भांति-भांंति के हुरी ख्वा़ब,
मन मे लेकर इंदौर से
झूमते हुए निकले थे जो कल,
जन्नत फुल होने की वजह से,
सुना है, उन्हें खुदा के किसी
'राहत' कैंप मे ठहराया गया है,बल ।
भांति-भांंति के हुरी ख्वा़ब,
मन मे लेकर इंदौर से
झूमते हुए निकले थे जो कल,
जन्नत फुल होने की वजह से,
सुना है, उन्हें खुदा के किसी
श्रद्धांजलि ।
ReplyDeleteविनम्र श्रद्धांजलि।
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