तवाही का मंजर-ए-खौफ़, ऐ मानव, तू अपने दिल मे पाले रखना, क्षंणभंगूर सी है यह जिंदगी, कुदरत की ये तस्वीरे संभाले रखना। वाह बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति Free me Download krein: Mahadev Photo | महादेव फोटो
ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की ये जज्बा , इल्म न था कि वफ़ा की कस्मे खाने वाले, इस कदर बेवफा होते है लोग ! दिल और आँख का ऐसा आपसी देखा जो समन्वय 'परचेत', नजर देखे, दिल शकूं पाए, मनीषी ऐसे ही नफ़ा होते है लोग !
तमाम जंगल के बीहड़ों में जो कुछ घटित हो रहा हो, उससे क्या उस जंगल का राजा अंविज्ञ रह सकता है? या फिर यूं कहा जाए कि यदि उसे उसके राज्य में अन्याय होता दिखाई न दे, तो फिर क्या ऐसे नजरों से लाचार प्रतिनिधि को राजा बने रहने का कोई हक़ है? यदि उसे हमेशा किसी तीसरे ने ही आकर जगाना है, तो पूरे जंगलात के लिये यह निश्चिततौर पर एक बड़ी चिंता का विषय है। और इससे भी महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि क्या उसे जगाने वाला भी वाकई ईमानदार प्रयास कर रहा है, या सिर्फ खानापूर्ति, ताकि सिर्फ सुहानुभूति बटोरने के लिए जंगल की तमाम वादी की आँखों मे धूल झोंक सके ? और ठीक इसी सन्दर्भ में श्रीमती सोनिया गांधी के उस पत्र को भी रखा जा सकता है, जो उन्होंने कल इस देश के प्रधानमन्त्री श्री मनमोहन सिंह को लिखा और जिसमे उनसे यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि आईएएस अधिकारी सुश्री दुर्गा शक्ति के साथ कोई अन्याय न हो। उत्तर प्रदेश में बैठे...
मुझे चाहिए इक ऐसा खोता, जब मैं चांहू तब उसे जोता। ढेंचू-ढेंचू करता वो दौड़ा आये, जब दूं समीप आने का न्योता। मुझे चाहिए इक ऐसा खोता..... कूल रहे हमेशा, जहां तक हो, किसी बड़े स्कूल से स्नातक हो, बोल न बोले कोई दिल चुभो ता, मुझे चाहिए इक ऐसा खोता..... ऋतु मुताबिक गाना गाना जाने, हर व्यंजन,पकवान पकाना जाने, कभी भी ऐन वक्त पे मिले न सोता, मुझे चाहिए इक ऐसा खोता.....
वर्तमान को इंगित करती मार्मिक प्रस्तुति।
ReplyDeleteतवाही का मंजर-ए-खौफ़, ऐ मानव,
ReplyDeleteतू अपने दिल मे पाले रखना,
क्षंणभंगूर सी है यह जिंदगी,
कुदरत की ये तस्वीरे संभाले रखना।
वाह बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति
Free me Download krein: Mahadev Photo | महादेव फोटो