Don't be confused,
among peace, harmony
or war,
conflict, chaos,
one among them
you have to choose,
two things are
only available right now,
Iran
or Strait of Hormuz!!
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
Don't be confused,
among peace, harmony
or war,
conflict, chaos,
one among them
you have to choose,
two things are
only available right now,
Iran
or Strait of Hormuz!!
मत दिया कर दोष तू हमको
दरारों में झांकने का , ऐ दोस्त!
तेरी नादानियों का खामियाजा,
भला ये, तमाम जमाना क्यों भुगते?
मेरी डांडी-कांठियों का मुलुक ज्यैल्यू,
Go there in the spring.
हैरा बण मा बुरांश का फूल
जब बण मा आग लगाणा होला,
भीटा पाखों थैं फ्योलिं का फूल,
पिन्ग्ला रंग मा रंग्याणा होला ..
लाइयां पैयां ग्वीराल फूलु ना,
The earth will be decorated,
Go there and sing.
रातों के हर पहर-दोपहर,
जब भी मैं करवट बदलूं,
बदली हुई हर करवट पर,
कसम से आहें भरता हूं ,
उम्र पार कर चुका प्रेम की वरना,
कह देता कि मैं तुमपर मरता हूं ,
मत पूछो, ये नशा कौन सा करता हूं,
सच में, मैं तुम्हें बतानें से डरता हूं।
गर तुम न खरीददार होते,
यकीन मानिए,
टके-दो-टके में भला कौन बिकता?
मुहब्बत बिकाऊ न है और न थी
कभी,
बस, निवेश गलत किया है तुमने,
इसीलिए घर में "धन" नहीं टिकता।
रूठ जाते हैं मुझसे मेरे अपने ही और
मुझको मनाने मे जरा भी रुचि नहीं,
दिलचस्प हों भी अगर मुहब्बत की राहें,
क्या फायदा, जब दिल मे ही शुचि नहीं?
सबब खामोशी, तेरा बहाना अच्छा है,
इश्क़ हुआ मगर इजहार न किया,
अंदाज़े मोहब्बत छुपाना अच्छा है,
शकुन बुरा ही सही, दिल जलाना अच्छा है।
कह रहा हूं मैं तुमसे,
ऐ बेस्वाद, बेसुरे भड़वे,
जुबां पे थोड़ी मीठास घोल,
मत बोल इतने भी बोल कडुए।
तू शिद्दत रख और समर्पण कर,
मत पड़ फरेब में जिस्मानी शाम की,
रूहानी एहसास खुदा की इबादत ,
लिखदे तू जाकर अपने नाम की।
न हमारा ईमान बचा, न ही पहचान बची,
बतलाएं भी तो बतलाएं, तुम्हें क्या सची,
उम्मीदों और यादों के सहारे, ऐ 'परचेत',
थोड़ी सी ख्वाहिशों की बस, जां बची।
तेरी याद आना
गुज़रे जमाने की बात हो गई,
पानी का गिलास
सामने टेबिल पर पड़ा देखकर,
अब तो हिचकियों भी नहीं आती।
अभी नहीं, सफ़र जब खत्म होने की दहलीज पर होगा,
तभी सोचेंगे ऐ जिंदगी ! कि ज़ख्म कहां-कहां से मिले।
पर्व रंगों का है वेरंगीन बन,
बैठा हूं बातें करता खुद से,
कभी न जाने क्यों ऐसा लगे,
हाथ धो बैठा हूं सुध-बुध से।
मदहोश-बेखबर, था तो नहीं,
दर्द का एहसास है बे-खुद से,
घाव जिस्म पे मेरे आहिस्ता कर,
अनुनय यही है बस, हुद-हुद से।
Don't be confused, among peace, harmony or war, conflict, chaos, one among them you have to choose, two things are only available r...