...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
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शुन्य
उसका स्वरूप हरदम सराहता हूं, जिस रोशनी को दिल से चाहता हूं, आश लगाए रहता हूं कि रोशनी कभी तो मेरे घर आएगी, अतिशय प्रेममय होकर आलिंगनबद्...
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ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की य...
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नोट: फिलहाल टिप्पणी सुविधा मौजूद है! मुझे किसी धर्म विशेष पर उंगली उठाने का शौक तो नहीं था, मगर क्या करे, इन्होने उकसा दिया और मजबूर कर द...
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तमाम जंगल के बीहड़ों में जो कुछ घटित हो रहा हो, उससे क्या उस जंगल का राजा अंविज्ञ रह सकता है? या फिर यूं कहा जाए कि यदि उसे उसके राज्य मे...
बहुत अच्छा खोजा कार्टून अपने-आप में बहुत कुछ कह जाता है
ReplyDeleteधन्यवाद
bahut badhiya caratoon sir ....ha ha ha
ReplyDeletebahut badhiya...ha ha ha....doping test bahut jaruri hai.
ReplyDeleteहा-हा-हा....
ReplyDeleteरोचक, मज़ेदार!
हरीश गुप्त की लघुकथा इज़्ज़त, “मनोज” पर, ... पढिए...ना!
जय हो महाराज !!
ReplyDeleteबहुत बढ़िया :):)
ReplyDelete:)
ReplyDeleteखरी कही :)
ReplyDeleteसटीक.
ReplyDeleteरामराम
बहुत सटीक!
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