यूं भी बावफा होते है लोग !
ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की ये जज्बा , इल्म न था कि वफ़ा की कस्मे खाने वाले, इस कदर बेवफा होते है लोग ! दिल और आँख का ऐसा आपसी देखा जो समन्वय 'परचेत', नजर देखे, दिल शकूं पाए, मनीषी ऐसे ही नफ़ा होते है लोग !
बहुत अच्छा खोजा कार्टून अपने-आप में बहुत कुछ कह जाता है
ReplyDeleteधन्यवाद
bahut badhiya caratoon sir ....ha ha ha
ReplyDeletebahut badhiya...ha ha ha....doping test bahut jaruri hai.
ReplyDeleteहा-हा-हा....
ReplyDeleteरोचक, मज़ेदार!
हरीश गुप्त की लघुकथा इज़्ज़त, “मनोज” पर, ... पढिए...ना!
जय हो महाराज !!
ReplyDeleteबहुत बढ़िया :):)
ReplyDelete:)
ReplyDeleteखरी कही :)
ReplyDeleteसटीक.
ReplyDeleteरामराम
बहुत सटीक!
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