...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
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प्रलय जारी
चहुॅं ओर काली स्याह रात, मेघ गर्जना, झमाझम बरसात, जीने को मजबूर हैं इन्सान, पहाड़ों पर पहाड़ सी जिंदगी, फटते बादल, डरावना मंजर, कलयुग का यह ...

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नोट: फिलहाल टिप्पणी सुविधा मौजूद है! मुझे किसी धर्म विशेष पर उंगली उठाने का शौक तो नहीं था, मगर क्या करे, इन्होने उकसा दिया और मजबूर कर द...
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स्कूटर और उनकी पत्नी स्कूटी शहर के उत्तरी हिस्से में सरकारी आवास संस्था द्वारा निम्न आय वर्ग के लोगो के लिए ख़ासतौर पर निर्म...
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पहाड़ी प्रदेश , प्राइमरी स्कूल था दिगोली, चौंरा। गांव से करीब दो किलोमीटर दूर। अपने गांव से पहाड़ी पगडंडी पर पैदल चलते हुए जब तीसरी कक्षा क...
आखिर बाप तो बाप है!
ReplyDeleteकुँवर जी,
हा हा ... सही शिक्षा दे रहे हैं बाप जी ...
ReplyDelete:)
ReplyDelete--- शायद आपको पसंद आये ---
1. Advance Numbered Page Navigation ब्लॉगर पर
2. ग़ुबार साफ़ करो आईने की आँखों से
3. तख़लीक़-ए-नज़र
:-))
ReplyDeleteबिल्कुल सही. अब डर डरकर अपराध करने में क्या मजा?
ReplyDeleteघुघूतीबासूती
हा हा हा ! बढ़िया मारा है .
ReplyDeleteआपकी ड्राइंग अच्छी है गोदियाल जी .
ड्राइंग तो अच्छी है ही कटाक्ष भी जोरदार है। वाह!
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