Tuesday, June 30, 2026

रे मन !

मानसून का जोर,

मूसलाधार बारिश,

आंधी और तूफान बहुत हैं,

पकडी है जो राह तूने 

जिस डगर चला रहा है तू 

अपनी कश्ती, याद रखना, 

उस डगर मे उफ़ान बहुत हैं।

2 comments:



  1. आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" बुधवार 1 जुलाई 2026 को साझा की गयी है......... पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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रे मन !

मानसून का जोर, मूसलाधार बारिश, आंधी और तूफान बहुत हैं, पकडी है जो राह तूने  जिस डगर चला रहा है तू  अपनी कश्ती,  याद रखना,  उस डगर मे उफ़ान ब...