छवि गूगल से साभार , कार्टून को बड़े आकर में देखने के लिए कृपया उस पर क्लिक करे !
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
शुन्य
उसका स्वरूप हरदम सराहता हूं, जिस रोशनी को दिल से चाहता हूं, आश लगाए रहता हूं कि रोशनी कभी तो मेरे घर आएगी, अतिशय प्रेममय होकर आलिंगनबद्...
-
ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की य...
-
नोट: फिलहाल टिप्पणी सुविधा मौजूद है! मुझे किसी धर्म विशेष पर उंगली उठाने का शौक तो नहीं था, मगर क्या करे, इन्होने उकसा दिया और मजबूर कर द...
-
तमाम जंगल के बीहड़ों में जो कुछ घटित हो रहा हो, उससे क्या उस जंगल का राजा अंविज्ञ रह सकता है? या फिर यूं कहा जाए कि यदि उसे उसके राज्य मे...
सीटी तो बज गयी जी।
ReplyDeleteवाह
ReplyDeleteसीटी बजाने वाला का सीटी भी छीन लिया न्यायपालिका अऊर जेल में डाल दिया कार्यपालिका..
ReplyDeleteअब सीटी बजाते रहिए...
शाम ढले खिडकी तले
ReplyDeleteतुम सीटी बजाना छोड दो :)
बहुत बजाई सीटी जी ... अब बच्चो के लिये छोड दी:)
ReplyDeleteलो कल्लो बात..ये भी खूब रही!! :)
ReplyDeleteबिल्कुल बज गई जी.
ReplyDeleteरामराम.
सही है.
ReplyDeleteबहुत खूब ।
ReplyDelete:-)
ReplyDeleteसीटी बजने की ये एक नई शुरुआत है .... फिर पब्लिक की बजना ही है .... आभार
ReplyDeletebahut badhiya.
ReplyDeleteलो सबको अपना बना लिया
ReplyDeleteसीटी बजा के।
:) :) ..बढ़िया है
ReplyDeleteअरे वाह गोदियाल जी.
ReplyDeleteअच्छी खबर सुनाई आपने, आखिर सरकार ने हम जैसों की सुनी तो।