...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
पेड़ बहुत मजबूत है. कार्टून बढ़िया है.
करारा व्यंग्य।
बढ़िया कार्टून ...... स:परिवार होली की भी हार्दिक शुभकामनाएं.....
देश कितना बड़ा धक्का झेल गया है..
इन पेड़ों को लोग हर पांच साल बाद फिर काफी खाद पानी दे आते हैं
पेड़ की जड़ें बहुत गहरी हैं ।बढ़िया व्यंग ।
एक धक्का और दो , इस पेड को ही तोड दो
काश ये पेड भी जल्दी टूटे ...
sateek bolti tasveer..
साँपों से भरा दरख़्त है। इनकी कोई साख ही नहीं तो बट्टा क्या लगेगा। हाँ इस दरख़्त के कारण देश ज़रूर रसातल में जा रहा है।
वाह क्या बात है! थोड़ा मट्ठा जड़ में भी जाना चाहिये।
पर्व रंगों का है वेरंगीन बन, बैठा हूं बातें करता खुद से, कभी न जाने क्यों ऐसा लगे, हाथ धो बैठा हूं सुध-बुध से। मदहोश-बेखबर, था तो नहीं, दर...
पेड़ बहुत मजबूत है. कार्टून बढ़िया है.
ReplyDeleteकरारा व्यंग्य।
ReplyDeleteबढ़िया कार्टून ...... स:परिवार होली की भी हार्दिक शुभकामनाएं.....
ReplyDeleteदेश कितना बड़ा धक्का झेल गया है..
ReplyDeleteइन पेड़ों को लोग हर पांच साल बाद फिर काफी खाद पानी दे आते हैं
ReplyDeleteपेड़ की जड़ें बहुत गहरी हैं ।
ReplyDeleteबढ़िया व्यंग ।
एक धक्का और दो , इस पेड को ही तोड दो
ReplyDeleteकाश ये पेड भी जल्दी टूटे ...
ReplyDeletesateek bolti tasveer..
ReplyDeleteसाँपों से भरा दरख़्त है। इनकी कोई साख ही नहीं तो बट्टा क्या लगेगा। हाँ इस दरख़्त के कारण देश ज़रूर रसातल में जा रहा है।
ReplyDeleteवाह क्या बात है! थोड़ा मट्ठा जड़ में भी जाना चाहिये।
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