...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
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Straight!
Don't be confused, among peace, harmony or war, conflict, chaos, one among them you have to choose, two things are only available r...
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ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की य...
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नोट: फिलहाल टिप्पणी सुविधा मौजूद है! मुझे किसी धर्म विशेष पर उंगली उठाने का शौक तो नहीं था, मगर क्या करे, इन्होने उकसा दिया और मजबूर कर द...
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तमाम जंगल के बीहड़ों में जो कुछ घटित हो रहा हो, उससे क्या उस जंगल का राजा अंविज्ञ रह सकता है? या फिर यूं कहा जाए कि यदि उसे उसके राज्य मे...

पता नहीं शहर का सच क्या है।
ReplyDeleteऊपर आने के बाद का सच भी कितना कडुवा है ... सच है कार्टून बोल रहा है आज ... चीख चीख के ...
ReplyDeleteकुछ नही बहुत कुछ बोल गया
ReplyDeleteदिल्ली जैसे शहर में भिखारी नीचे कब थे ! :)
ReplyDelete:-)
ReplyDelete:-(
इन्हें इंसानों की मौत से कोई फर्क नही पड़ता . badhiya cartoon
ReplyDeleteसरकारी प्रयास जैसे भी होते हों किन्तु आपका प्रयास सराहनीय है भाई.
ReplyDeleteसही है, तीखा जरूर है.
ReplyDeleteसटी· व्यंग्य। मजा· बना·र रख दिया है यूपीए सर·ार ने गरीबों ·ा।
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