...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
O sitting moon !
O setting moon! Come back soon. For me, you are not a dark midnight, for me, to be honest, you are a happy noon. O setting moon! Come back ...
-
ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की य...
-
तमाम जंगल के बीहड़ों में जो कुछ घटित हो रहा हो, उससे क्या उस जंगल का राजा अंविज्ञ रह सकता है? या फिर यूं कहा जाए कि यदि उसे उसके राज्य मे...
-
नोट: फिलहाल टिप्पणी सुविधा मौजूद है! मुझे किसी धर्म विशेष पर उंगली उठाने का शौक तो नहीं था, मगर क्या करे, इन्होने उकसा दिया और मजबूर कर द...
सुंदर भाव ..
ReplyDeleteसंक्षिप्त पर अच्छी ..
बहुत अच्छे भाव प्रकट किये हैं...धन्यवाद.
ReplyDeleteसुन्दर भाव
ReplyDeleteअति प्रीतिवान! धन्यवाद और नमस्ते |
ReplyDelete...ॐ शम्नो मित्रस्य वरुण:
शम्नो भवत्वर यम
शम्नो बृहस्पति:
शम्नो विष्णु रुक्रमः
नमो ब्रह्मणे
नमस्ते वायो:...
शम्नो आंधी नीलम:
शम्नो आंधी सेंडी:
शम्नो सर्व आंध्यौ:
शम्नो सर्व चक्रवातौ:
शम्नो सर्व उत्पातौ:
शम्नो सर्व प्रपातौ:
सर्वे सुखिन: सन्तु.... :)
ओ ! चाँद जहाँ वो जाये..............कमाल की अभिव्यक्ति ...........
ReplyDeleteजय हो महाराज ... बहुत बढ़िया !
ReplyDeleteकरवा का व्रत और एक विनती - ब्लॉग बुलेटिन पूरी ब्लॉग बुलेटिन टीम की ओर से आप को करवा चौथ की हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनायें !आज की ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !
बहुत सुंदर ..... हर परेशानी से बचाने की ही ख़्वाहिश रहती है ...
ReplyDeleteबढ़िया भाव... आपकी दुआ क़ुबूल हो
ReplyDeleteजोक बेहतरीन... मैंने पहली बार पढ़ा
बहुत ही सुन्दर भाव...
ReplyDeleteकुँवर जी,
सुन्दर रचना...
ReplyDeleteमजेदार जोक....
:-)
हृदय की श्रेष्ठतम भावनाओं से निसृत उदगार हैं यह .बधाई करवा चौथ की .
ReplyDelete:)
ReplyDeleteअति सुन्दर .
पर्व की शुभकामनायें.
वाह बहुत लाजवाब पोस्ट.
ReplyDeleteमेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत हैं। धन्यवाद !!
Recent post link -
http://rohitasghorela.blogspot.com/2012/10/blog-post.html
bahut sundar prastuti, nari samarpan ki parakastha ka di hota hai करवाचौथ, बिन अन्न-जल,
ReplyDeleteभूखी-प्यासी, सोलह श्रृंगार कर , सांझ को छत पर खडी छन्नी से तक के चाँद को दुआ मांगती थी इक सुहागन ; ऐ चाँद ! नहीं कोई और मे
अच्छी प्रस्तुति !:)
ReplyDelete~सादर !
bahut behtareen prastuti:)
ReplyDeletesabhi naariyon ka dil jeet liya aapne:)
नीलम ने कल दया दिखायी, आसमान खुल गया और चाँद दिखायी पड़ गया।
ReplyDeleteबहुत बढ़िया प्रस्तुति .....
ReplyDeleteब्लॉग बुलेटिन की पूरी टीम की ओर से आप सभी मित्रों को करवा चौथ की हार्दिक मंगलकामनाएँ !
ReplyDeleteइस मौके पर पेश है रश्मि प्रभा जी द्वारा तैयार किया हुआ ब्लॉग बुलेटिन का करवा चौथ विशेषांक |
ब्लॉग बुलेटिन के करवा चौथ विशेषांक पिया का घर-रानी मैं मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !
ReplyDeleteमस्त जोक
आदरणीय पी.सी.गोदियाल "परचेत" जी
कविता भी ...
:)
ReplyDelete☆★☆★☆
♡♥♡♥♡♥♡♥♡♥♡♥♡♥♡♥♡♥♡♥♡♥♡♥♡♥♡♥♡♥♡
सभी दम्पतियों को करवाचौथ की हार्दिक मंगलकामनाएं !
-राजेन्द्र स्वर्णकार
♡♥♡♥♡♥♡♥♡♥♡♥♡♥♡♥♡♥♡♥♡♥♡♥♡♥♡♥♡♥♡
सुन्दर अभिव्यक्ति
ReplyDeleteकरवाचौथ की हार्दिक मंगलकामनाएं !
नई पोस्ट मैं
बढिया जोक है।
ReplyDelete