यूं भी बावफा होते है लोग !
ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की ये जज्बा , इल्म न था कि वफ़ा की कस्मे खाने वाले, इस कदर बेवफा होते है लोग ! दिल और आँख का ऐसा आपसी देखा जो समन्वय 'परचेत', नजर देखे, दिल शकूं पाए, मनीषी ऐसे ही नफ़ा होते है लोग !

बड़े पालतू जीव हैं, कैसे होगा हैक |
ReplyDeleteपासवर्ड दे बदल झट, जैसे मोहन मैक |
जैसे मोहन मैक, चिदम्बर चीकू कर दे |
मैडम दस का दम्भ, कहाँ से कोई डर दे |
पास-वर्ड भरमार, बात मत करो फ़ालतू |
पूरा भरा *मकार, आज भी बड़े पालतू ||
* M
हा हा हा....बिल्कुल सटीक.
ReplyDeleteरामराम.