...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
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समझ, नासमझ !
मिले न 'फूल' तो हमने 'चतुरों' से दोस्ती कर ली, मजबूरी का नाम गांधी, जिंदगी यूं ही बसर कर ली।
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नोट: फिलहाल टिप्पणी सुविधा मौजूद है! मुझे किसी धर्म विशेष पर उंगली उठाने का शौक तो नहीं था, मगर क्या करे, इन्होने उकसा दिया और मजबूर कर द...
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देशवासियों तुम हमें सत्ता देंगे तो हम तुम्हें गुजारा भत्ता देंगे। सारे भूखे-नंगों की जमात को, बिजली-पानी, कपड़ा-लत्ता देंगे। ...
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स्कूटर और उनकी पत्नी स्कूटी शहर के उत्तरी हिस्से में सरकारी आवास संस्था द्वारा निम्न आय वर्ग के लोगो के लिए ख़ासतौर पर निर्म...

बड़े पालतू जीव हैं, कैसे होगा हैक |
ReplyDeleteपासवर्ड दे बदल झट, जैसे मोहन मैक |
जैसे मोहन मैक, चिदम्बर चीकू कर दे |
मैडम दस का दम्भ, कहाँ से कोई डर दे |
पास-वर्ड भरमार, बात मत करो फ़ालतू |
पूरा भरा *मकार, आज भी बड़े पालतू ||
* M
हा हा हा....बिल्कुल सटीक.
ReplyDeleteरामराम.