यूं भी बावफा होते है लोग !
ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की ये जज्बा , इल्म न था कि वफ़ा की कस्मे खाने वाले, इस कदर बेवफा होते है लोग ! दिल और आँख का ऐसा आपसी देखा जो समन्वय 'परचेत', नजर देखे, दिल शकूं पाए, मनीषी ऐसे ही नफ़ा होते है लोग !

दोनों समझ कर पढ़ ली
ReplyDelete@ संदीप पवाँर (Jatdevta):
ReplyDeleteशुक्रिया, आभार !
महोदय, किसी भी सभ्यता की समय-तालिका अथवा वर्ष-तालिका का सम्मान रखते, विश्व में इसवी सन दिनांक 21-12-2012 अभी पूर्ण नहीं हुयी । कुछ राष्ट्रों में अभी अभी ही सूर्योदय हुआ है और अगले कुछ कलाको तक कोई ना कोई भू भाग में लगातार सूर्योदय होता रहेगा। इसके पश्चात सूर्यास्त और तत्पश्चात रात्रि के 12.01 बजे अ-प्रलय की पुष्टि संभव है । अ-प्रलय के चलते कुछ महत्वपूर्ण कार्य भी करने होंगे, अब आपको तो अनुमान होगा इस बात का । कृपया धैर्य रखे और आस्था-प्रार्थना बनाये रखें ।
ReplyDelete@uchchairghosh :
ReplyDeleteढाढस बंधाने हेतु आभार सर जी :)
तेल की धार तो जगह पर ही गिरी है..
ReplyDeleteफिर तो कालिए के लिए प्रलय निश्चित है। :)
ReplyDeleteबढ़िया लेखन, बधाई !!
ReplyDeleteतारीख पे तारीख...
ReplyDeleteहा हा ... कालिया तो गया ...
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