...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
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Straight!
Don't be confused, among peace, harmony or war, conflict, chaos, one among them you have to choose, two things are only available r...
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ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की य...
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तमाम जंगल के बीहड़ों में जो कुछ घटित हो रहा हो, उससे क्या उस जंगल का राजा अंविज्ञ रह सकता है? या फिर यूं कहा जाए कि यदि उसे उसके राज्य मे...
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नोट: फिलहाल टिप्पणी सुविधा मौजूद है! मुझे किसी धर्म विशेष पर उंगली उठाने का शौक तो नहीं था, मगर क्या करे, इन्होने उकसा दिया और मजबूर कर द...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
ReplyDeleteअच्छी प्रस्तुति !!
ReplyDeleteha ha ha ....
ReplyDeletegajab ka tanz h
मेरी नयी पोस्ट पर आपका स्वागत है
http://rohitasghorela.blogspot.in/2012/12/blog-post.html
बहुत खूब!
ReplyDeleteबेहतर प्रस्तुति !!
ReplyDeleteबेहतर प्रस्तुति !!
ReplyDeleteबड़े प्लान हैं।
ReplyDeleteगरीब के लिए तो आने वाले दिन प्रलय से कम नहीं होंगे|
ReplyDeleteGyan Darpan
:-)
ReplyDeleteहा हा हा
ReplyDeleteFD आई :)
उम्दा, बेहतरीन प्रस्तुति !!
ReplyDeleteकुछ दिनों से अधिक व्यस्त रहा इसलिए आपके ब्लॉग पर आने में देरी के लिए क्षमा चाहता हूँ !
मेरी नयी पोस्ट पर आपका स्वागत है
ReplyDeleteमेरे पिता ही मेरी माँ --जन्मदिन पर विशेष
http://sanjaybhaskar.blogspot.in/2012/12/2.html#links
ये प्रलय तो अब आने ही वाली है ... गरीबों का हाथ ही है इसके पीछे ... जबरदस्त ...
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