यूं भी बावफा होते है लोग !
ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की ये जज्बा , इल्म न था कि वफ़ा की कस्मे खाने वाले, इस कदर बेवफा होते है लोग ! दिल और आँख का ऐसा आपसी देखा जो समन्वय 'परचेत', नजर देखे, दिल शकूं पाए, मनीषी ऐसे ही नफ़ा होते है लोग !

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
ReplyDeleteअच्छी प्रस्तुति !!
ReplyDeleteha ha ha ....
ReplyDeletegajab ka tanz h
मेरी नयी पोस्ट पर आपका स्वागत है
http://rohitasghorela.blogspot.in/2012/12/blog-post.html
बहुत खूब!
ReplyDeleteबेहतर प्रस्तुति !!
ReplyDeleteबेहतर प्रस्तुति !!
ReplyDeleteबड़े प्लान हैं।
ReplyDeleteगरीब के लिए तो आने वाले दिन प्रलय से कम नहीं होंगे|
ReplyDeleteGyan Darpan
:-)
ReplyDeleteहा हा हा
ReplyDeleteFD आई :)
उम्दा, बेहतरीन प्रस्तुति !!
ReplyDeleteकुछ दिनों से अधिक व्यस्त रहा इसलिए आपके ब्लॉग पर आने में देरी के लिए क्षमा चाहता हूँ !
मेरी नयी पोस्ट पर आपका स्वागत है
ReplyDeleteमेरे पिता ही मेरी माँ --जन्मदिन पर विशेष
http://sanjaybhaskar.blogspot.in/2012/12/2.html#links
ये प्रलय तो अब आने ही वाली है ... गरीबों का हाथ ही है इसके पीछे ... जबरदस्त ...
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